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'विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में?', G7 में PM मोदी ने दुनिया को दिया स्पष्ट संदेश

 Published : Jun 17, 2026 04:52 pm IST,  Updated : Jun 17, 2026 04:52 pm IST

G7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास को सिर्फ GDP से नहीं, बल्कि उसके उद्देश्य, दिशा और लाभार्थियों से मापा जाना चाहिए। उन्होंने 'संतुलित और समावेशी विकास' पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक साझेदारी, मानवता-प्रथम नीति और भारत की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

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G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी। Image Source : X.COM/NARENDRAMODI

इवियन: फ्रांस में चल रहे जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने आर्थिक सोच में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास को केवल GDP या व्यापार के आंकड़ों से नहीं मापा जाना चाहिए, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी बात साझा करते हुए PM मोदी ने बताया कि उन्होंने जी7 के आउटरीच सेशन में 'सभी के लिए संतुलित, साझा और टिकाऊ आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करने' विषय पर संबोधन दिया।

आर्थिक विकास का नया दृष्टिकोण रखने की अपील

आउटरीच सेशन के विषय पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'यह अच्छा है कि फ्रांस की जी7 अध्यक्षता ने इस विषय को महत्व दिया है।' पारंपरिक आर्थिक ढांचे को चुनौती देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है जब विकास को सिर्फ GDP या व्यापार के आंकड़ों से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा,

'असल सवाल यह नहीं है कि विकास कितना हुआ, बल्कि यह है कि विकास किसके लिए, किसके साथ और किस दिशा में हुआ। वैश्विक नीति निर्माताओं को अब विकास के असली उद्देश्य पर ध्यान देना चाहिए और एक अधिक मानवीय और समावेशी आर्थिक मॉडल अपनाना चाहिए।'

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से अहम मुलाकात

सम्मेलन के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक में प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। इस बैठक में वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार समझौते को तेज करने पर भी बात करेंगे। इसके साथ ही रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे एक दिन पहले दोनों नेताओं ने सम्मेलन में अनौपचारिक रूप से मुलाकात की और बातचीत की। यह उनकी 16 महीने बाद पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर जोर

इवियन शहर इस समय वैश्विक कूटनीति का केंद्र बना हुआ है, जहां भारत एक प्रमुख साझेदार देश के रूप में भाग ले रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत को वैश्विक समस्याओं के समाधान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देश के रूप में देख रहा है। पीएम मोदी ने एक आउटरीच सत्र में कहा कि वैश्विक साझेदारी की नींव 'विश्वास' पर होनी चाहिए। उन्होंने भारत की 'मानवता-प्रथम' नीति पर जोर देते हुए कहा कि यही दृष्टिकोण भारत की वैश्विक पहलों में दिखाई देता है।

जी7 में पीएम मोदी का बेहद व्यस्त कार्यक्रम

पीएम मोदी ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरराष्ट्रीय सहयोग का मूल आधार प्राचीन भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' है जिसका अर्थ 'पूरी दुनिया एक परिवार है' होता है। बता दें कि PM मोदी का कार्यक्रम जी7 में बेहद व्यस्त रहा। उन्होंने इस दौरान कई देशों के प्रमुखों से अलग-अलग मुद्दों पर बात की है।

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